Now Reading
‘लायन क्वीन’ – रसीला वाढेर की कहानी

‘लायन क्वीन’ – रसीला वाढेर की कहानी

  • बेजुबान जानवरों की रक्षक

महिलाएं आज खुद अपने दम पर हर काम को करने का जज़्बा रखती हैं। फिर काम चाहे जंगल में अकेले जाने का ही क्यों न हो। जंगली जानवरों के खतरे और रात में जानवरों की खोजबीन के लिए ज़्यादातर पुरुषों को ही वन संरक्षक का पद दिया जाता है, लेकिन इस बार गुजरात में गिर के जंगलों में बेखौफ होकर एक महिला जानवरों को बचाने का काम करती है। आइये जानते है इस बहादुर महिला रसीला वाढेर के बारे में –

कौन है रसीला वाढेर?

गुजरात के जूनागढ़ की रहने वाली रसीला वाढेर, गुजरात के गिर नेशनल पार्क में वनकर्मी है। वह वन विभाग में पहली ऐसी महिला है, जो जानवरों को बचाने का काम करती है। उन्‍होंने अब तक 300 शेरों और 500 तेंदुओं की जान भी बचाई है।

परिवार की देखभाल के लिए शुरू की नौकरी

बचपन से ही रसीला के सिर पर पिता का साया नहीं था। मां ने मज़दूरी करके उन्हें और उनके भाई को पढ़ाया लिखाया था। उनके जीवन का एक ही उद्देश्य था कि पढ़ लिखकर परिवार की आर्थिक मदद कर सके और मां को बेहतर जीवन दे सके। इसलिए वन विभाग में नौकरी की। रसीला पहले घायल जंगली जानवर को पकड़ती है, उनकी मरहम पट्टी करती है, रेस्क्यू सेंटर लाना और ठीक होने के बाद में वापस जंगल छोड़ती है। ये काम करते हुए धीरे-धीरे उन्हें जानवरों से प्यार हो गया। अब वह उनके बचाव और सुरक्षा के लिए दिन हो या रात हमेशा तैयार रहती है।

See Also

रसीला जानवरों की देखभाल करती हुई |इमेज : सीएमओ गुजरात ट्विटर

जोखिम भरा है काम

गिर राष्ट्रीय उद्यान की महिला टीम रोज़ाना अपनी जान हथेली पर रखकर कभी बाइक से, तो कभी पैदल ही जंगल में पेट्रोलिंग करती है। इन्हें जंगली जानवरों से ही नहीं, बल्कि शिकारियों से भी खतरा रहता है। कई बार रेस्क्यू अभियानों के दौरान जानवर इन पर हमला कर देते हैं।

बचाव अभियान में किसी की नहीं गई जान

कई सालों से रसीला यह काम रही है। उनकी हमेशा से यही कोशिश रहती है कि पहले से ही घायल जानवरों को कोई नुकसान न पहुंचे। उनके इस बचाव अभियान में सबसे बड़ी सफलता यही है कि अब तक एक भी जान नहीं गई है। हज़ार से ज़्यादा जानवरों को बचाया है, इनमें शेर, तेंदुए, मगरमच्छ, अजगर आदि शामिल है। 

मिली जानवरों से सीख

अब तक के बचाव अभियानों से उन्हें यही सीख मिली है कि जानवर जंगली हो या घरेलू, आपको तब तक परेशान नहीं करेंगे, जब तक आप से उन्हें खतरा महसूस न हो। रसीला कहना है कि मुझे नहीं पता कि डर या खतरा क्या है, लेकिन मुझे पता है कि प्यार क्या है। उनके प्रति प्यार दिखाएं, तो बदले में वे भी आपसे प्यार करेंगे।

बेजुबान जानवरों से प्यार करेंगे, तो प्यार मिलेगा।

और भी पढ़िये : आखिर क्यों रसोई में होने चाहिए ये 7 सात्विक आहार?

अब आप हमारे साथ फेसबुक, इंस्टाग्रामट्विटर  और  टेलीग्राम  पर भी जुड़िये।

What's Your Reaction?
आपकी प्रतिक्रिया?
Inspired
0
Loved it
0
Happy
0
Not Sure
0
प्रेरणात्मक
3
बहुत अच्छा
2
खुश
0
पता नहीं
0
View Comments (0)

Leave a Reply

Your email address will not be published.

FAQ