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अपने तो बस अपने होते हैं

अपने तो बस अपने होते हैं

अपने तो बस अपने होते हैं

इस बात से तो कोई इंकार नहीं कर सकता कि दिन भर की भागदौड़ के बाद घर जाकर परिवार के साथ खाना खाकर और बातें करके सारी थकान उतर जाती है। आप चाहे दुनिया घूम आयें, लेकिन जो सुकून रिश्तों की गरमाहट से मिलता है, वो किसी फाइव स्टार होटल में जाकर भी नहीं पाया जा सकता।

कभी-कभी ऐसा हो सकता है कि आप ज़िंदगी की जद्दोजहद में उलझ जायें और अपने परिवार के लिए वक्त न निकाल पायें, लेकिन आखिरकार थककर या किसी खुशी भरी बात को शेयर करने के लिये परिवार की याद ही सबसे पहले आती है। कभी ऐसा भी हो सकता है कि किसी बात पर आपका अपने परिवार के सदस्य के साथ मतभेद हो जाये, बस ऐसे में यह ध्यान रखें कि खुद को सही साबित करने की प्रक्रिया में आप दोनों का रिश्ता कहीं खो न जाये। ऐसे में सामने वाले से माफी की अपेक्षा करने से बेहतर है कि आप माफी मांग लें, चाहे आप सही हो, और आगे बढ़ें। इससे आपका रिश्ता और भी गहरा हो जायेगा।

परिवार में जितने ज़्यादा सदस्य होते हैं, उन्हें आपस में बांधे रखना उतना ही मुश्किल होता है। सबको साथ जोड़े रखने के लिए समझदारी, साहस और पहल करने की ज़रूरत होती है। इतना ही नहीं, हर एक सदस्य के पास दूसरों की गलतियों को माफ या नज़रअंदाज़ करने के लिए बड़ा दिल होना चाहिए।

परिवार को करें मज़बूत  | इमेज: फाइल इमेज
अगर आप अपने परिवार का महत्व समझते हैं, तो अपने से छोटों को सिखाने और सब को एक साथ जोड़कर रखने के लिये नीचे दी गई बातों पर ध्यान दें।

– परिवार के संपर्क में रहें और साथ कुछ समय बिताने की पहल करें। कोशिश करें कि पूरा परिवार साल में एक बार ज़रूर साथ मिलकर समय या छुट्टियां बितायें।

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– अगर पूरे परिवार के लोग काफी दूर रहते है, तो कम से कम हर दो या तीन साल में फैमिली रीयूनियन करें।

– किसी ने बहुत दिनों से आपको कॉल नहीं किया या किसी त्योहार पर बधाई नहीं दी, तो आप आगे आयें और फोन ज़रूर करें।

– कभी किसी कि बात से दिल दुखे, तो उस बात को जाने दें। अगर आपने किसी को चोट पहुंचाई है, तो उससे दिल से माफी मांगे।

– किसी को प्यार करते हैं, तो ज़ाहिर करने की हिम्मत रखें।

– यदि आप सबसे पुरानी पीढ़ी में हैं, तो नेतृत्व करें, अपने माता-पिता और दादा-दादी की कहानियों को जीवित रखें क्योंकि किसी नेक व्यक्ति ने कहा है कि आपके नाम के अंत में परिवार का नाम यानी सरनेम इसलिए आता है, क्योंकि परिवार ही एक ऐसी चीज़ है, जो आपके साथ अंत तक रहेगी।

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