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इमोशनल हो, लेकिन बस में रखें अपनी भावनाएं

इमोशनल हो, लेकिन बस में रखें अपनी भावनाएं

इमोशनल हो, लेकिन बस में रखें अपनी भावनाएं

एक इंसान का भावनात्मक होना स्वाभाविक है, दूसरों के प्रति दया का भाव और सहानुभूति रखना एक अच्छे व्यक्ति की निशानी है। लेकिन आपको दूसरों के प्रति अच्छा होने के साथ-साथ अपने लिये भी अच्छा होना चाहिये, यानि अपने प्रति भी सहानुभूति रखनी चाहिये। क्योंकि कई बार एक व्यक्ति दूसरों के बारे में इतनी चिंता करने लगता है कि वो अपने बारे में सोचना भूल जाता है और खुद को परेशानी में डाल देता है। इसलिये किसी भी इंसान का भावनात्मक होना अच्छा है, लेकिन अपनी भावनाओं को कंट्रोल में रखना उससे ज़्यादा ज़रूरी है।

चलिये आपको बताते हैं कि कैसे आप अपने इमोशन्स को बैलेंस में रख सकते हैं।

अपने विचारों को बीच में रोके नहीं

दिन में कम से कम दो बार खुद से पूछें कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं और अपने विचारों को बीच में रोके बिना खुद से बात करने दें। अपने लिये रोज़ समय निकालें और खुद को और अपने विचारों को अच्छे से जानें।

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अपनी भावनाओं को जज न करें

आपके इमोशन्स को खासतौर से अच्छे वाले भाव की तरह होते हैं, जो समय के हिसाब से उतरता चढ़ता रहता है।  उनको समझें लेकिन जज न करें।

इमोशनल हो, लेकिन बस में रखें अपनी भावनाएं
भावनाओं को मन में न रखें |इमेज : फाइल इमेज

एक्सप्रेस करना अच्छा होता है

खुद को एक्सप्रेस करना बेहद ज़रूरी होता, फिर चाहे सिचुएशन कितनी भी मुश्किल क्यों न हो। कभी आपको किसी बात के लिये ‘न’ कहना पड़े, तो न हिचकिचायें और न ही खुद को गिल्टी महसूस होने दें।

अपनी गट फीलिंग्स पर भरोसा करें

अपका मन चुपचाप आपके कानों में धीरे से कुछ कह देता है, उसी को गट फीलिंग कहते हैं। अपने मन पर भरोसा करें और उसकी बात सुनें।

सपने आपके मन से जुड़े हुये होते हैं

एक्सपर्ट्स का कहना है कि आपके सपनों का कुछ न कुछ मतलब ज़रूर होता है, इसलिये जब आप अपने सब्कांशियस माइंड में सपने देखते हैं, तो उन पर ध्यान दें कि आपका मन क्या कहना चाहता है। आप अपने इमोशन्स पर नज़र रखने के लिए एक ड्रीम डायरी भी बनी सकते हैं।

कहां रुकना ज़रूरी है, ये भी जानिये

 एक समय आता है जब आपको अपने अंदर झांकने के बजाय अपने आस-पास देखना चाहिए। कुछ अध्ययनों के मुताबिक नेगेटिव इमोशन्स के ऊपर ज़्यादा ध्यान देने से वो बढ़ते हैं। इमोश्नल इंटेलिजेंस न केवल आपको आपकी भावनाओं को समझने में मदद करती हैं, बल्कि बाहरी दुनिया के सामने खुद को कैसे पेश किया जाए, यह भी बताती है। यह आपको एक मज़बूत और स्वतंत्र व्यक्ति बनाती है।

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